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उज्जैन-आगर मार्ग पर 81 हादसों में 31 की जान गई विधायक परमार ने विधानसभा में मुद्दा उठाया, कहा-दुर्घटना रोकने के लिए फोरलेन जरूरी
उज्जैन-आगर फोरलेन को होल्ड पर रखकर गरोठ-उज्जैन फोरलेन बनाए जाने के विरोध के बीच अब मामला विधानसभा में पहुंच गया। तराना विधायक महेश परमार ने सवाल उठाया है कि स्वीकृत उज्जैन-आगर-झालावाड़ फोरलेन को क्यों नहीं बनाया जा रहा है। अभी आगर रोड इंटरमीडिएट लेन है जिस पर डेढ़ साल में ही 81 सड़क हादसों में 31 लोगों की मौत हो चुकी। दुर्घटनाएं रोकने के लिए फोरलेन जरूरी है। एनएचएआई ने मनमाने तरीके से फोरलेन को होल्ड पर रख दिया है जबकि इस फोरलेन की बहुत आवश्यकता है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित हो चुका है तथा एमपीआरडीसी सड़क को एनएचएआई को हैंड ऑवर कर चुकी है। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि आगर रोड काे अभी होल्ड पर रखा है। ग्राम सुरासा से गरोठ तक नया फोरलेन प्रस्तावित किया है, दिल्ली से इसकी स्वीकृत भी हो चुकी है। जिसे खेत से होकर बनाया जाएगा। विधायक परमार ने कहा आगर रोड को झालावाड़ तक 134 किमी में फोरलेन किए जाने का मुद्दा विधानसभा में उठाया है। सिंगल रोड होने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैै। सीएम कमलनाथ से भी बात की है।